नवरात्रिनवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने का नियम क्या है — बुझ जाए तो क्या करें?घी/तेल, 9 दिन निरंतर, हवा से बचाव। प्रतिदिन घी डालें। बुझ जाए: तुरंत पुनः जलाएं + क्षमा प्रार्थना + मंत्र 3 बार। देवी नाराज नहीं — भक्ति प्रधान।#अखंड ज्योति#नियम#बुझना
पंचमहाभूत और कलश का रहस्यनवरात्रि में अखंड ज्योति का क्या महत्व है?अखंड ज्योति = अग्नि तत्व का प्रतिनिधि। ईश्वरीय ज्ञान, तेज और वैराग्य का प्रतीक। अनुष्ठान का साक्षी। संकल्प हो तो 9 दिन-9 रात बुझने न दें। निरंतर घी/तेल डालें और वायु से रक्षा करें।#अखंड ज्योति#अग्नि तत्व#नौ दिन
पूजा विधिदुर्गाष्टमी की पूजा में कलश और अखंड ज्योति कैसे स्थापित करें?ईशान कोण में जल भरे कलश में सुपारी, सिक्का और आम के 5 पत्ते डालकर उस पर लाल कपड़े में लिपटा नारियल रखें। कलश के दाहिनी ओर गाय के घी का या बाईं ओर तिल के तेल का अखंड दीपक जलाएं।#कलश स्थापना#अखंड ज्योति#रुद्रयामल तंत्र
पूजा विधिपूजा घर में अखंड दीपक जलाना चाहिए या नहींअखंड दीपक अत्यंत शुभ है (स्कंद पुराण)। शुद्ध घी, सूती बत्ती, सुरक्षित स्थान पर रखें। संकल्प अनुसार 9/21/40 दिन जलाएं। अग्नि सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। यदि संभव न हो तो नित्य सुबह-शाम दीपक जलाना भी पर्याप्त और शुभ है।#अखंड दीपक#अखंड ज्योति#पूजा घर