विस्तृत उत्तर
ईशान कोण (North-East) में तांबे या मिट्टी के कलश में जल, गंगाजल, सुपारी, सिक्का, दूर्वा और पंचपल्लव (आम/अशोक के 5 पत्ते) रखें। उस पर लाल वस्त्र में लपेटा हुआ नारियल रखें। यह कलश वरुण देव और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक है। इसके पास 'अखंड ज्योति' स्थापित करें—गाय के घी का दीपक दाहिनी ओर या तिल के तेल का दीपक बाईं ओर जलाना चाहिए। 'रुद्रयामल तंत्र' के अनुसार, यह दीपक ज्ञान का प्रतीक है जो अज्ञान रूपी अंधकार (महिषासुर) का नाश करता है।


