पितृ वंशमेना कौन थी?मेना स्वधा से अग्निष्वात्त पितरों की उत्पन्न मानसी कन्या थीं।#मेना#स्वधा#अग्निष्वात्त
पितृ वंशपितर कितने प्रकार के होते हैं?पितर दो प्रकार के बताए गए हैं: अयज्वा और यज्वा।#पितर#अग्निष्वात्त#बर्हिषद
लोकयमराज की सभा में पितृगण क्यों उपस्थित रहते हैं?पितृगण यमराज की सभा में अपने वंशजों के कर्मों का अवलोकन करने के लिए उपस्थित रहते हैं।#पितृगण#अग्निष्वात्त#यमराज सभा