📖
विस्तृत उत्तर
यमराज की सभा में पितृलोक के अधिपति अग्निष्वात्त आदि पितृगण भी विराजमान होते हैं। वे अपने वंशजों के कर्मों का अवलोकन करते हैं। यमलोक पितृलोक की परिधि में स्थित है और इसी क्षेत्र में सूर्यपुत्र यमराज का मुख्य निवास स्थान और उनकी न्याय-सभा स्थित है। इस सभा में जीवात्मा के कर्मों का पारदर्शी मूल्यांकन होता है, इसलिए पितृगणों की उपस्थिति वंशजों के कर्मों के अवलोकन से जुड़ी हुई बताई गई है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





