फलश्रुतिब्रह्मवैवर्त पुराण में सरस्वती पूजा का क्या फल बताया है?ब्रह्मवैवर्त पुराण: माता सरस्वती = 'निःशेषजाड्यापहा' — जड़ता, आलस्य, मूर्खता का पूर्ण नाश। अज्ञानी भी महान विद्वान बन सकता है। फल: परा विद्या (आत्म-साक्षात्कार), धन, विद्या, गुणवान संतति और अंततः भगवत्-प्राप्ति।#ब्रह्मवैवर्त पुराण फल#निःशेषजाड्यापहा#अज्ञानता नाश
सरस्वती पूजा विधिसरस्वती पूजा में धूप और दीप का क्या महत्व है?धूप = वायु तत्व का प्रतिनिधि — नकारात्मकता दूर कर दिव्यता का संचार। मंत्र: 'वनस्पतिरसोद्भूतो... धूपमाघ्रापयामि।' दीप = अग्नि तत्व — अज्ञानता (तमस्) नष्ट कर ज्ञान का उदय। गाय के शुद्ध घी का दीपक। मंत्र: '...दीपं दर्शयामि।'#धूप दीप#वायु तत्व अग्नि तत्व#अज्ञानता नाश