शिव दर्शनशिव के ईशान मुख की उपासना का क्या फल मिलता है?ईशान = ऊर्ध्व मुख, अनुग्रह (मोक्ष) शक्ति — पांच मुखों में सर्वोच्च। फल: मोक्ष, सर्वविद्या ('ईशानः सर्वविद्यानाम्'), गुरु कृपा, ग्रह शांति, आत्मशुद्धि। ईशान कोण में ध्यान।#ईशान#पंचमुखी#अनुग्रह
औपसर्गिक ऐश्वर्यब्राह्म ऐश्वर्य क्या है?बिना कारण जगत् की सृष्टि, अनुग्रह, प्रलय, अधिकार, लोकवृत्त प्रवर्तन और संसार का कर्तृत्व ब्राह्म ऐश्वर्य है।#ब्राह्म ऐश्वर्य#सृष्टि#अनुग्रह
माहेश्वर योगशिव योगमार्ग से प्राणियों पर अनुग्रह कैसे करते हैं?शिव का अनुग्रह योगावतारों, शिष्यों, प्रशिष्यों और शिष्य-परम्परा के माध्यम से योग में प्रवृत्ति कराने के रूप में बताया गया है।#शिव#योगमार्ग#अनुग्रह
शिव तत्त्व परिचय'शिव' शब्द का क्या अर्थ है?'शि' = सर्वव्यापी (अनंत आकाश जैसा), 'व' = अनुग्रह/करुणा/दाता। महाभारत-शिव पुराण: 'शि' = मंगल/कल्याण, 'व' = दाता — जो संपूर्ण जगत को मंगल का दान करता है वही 'शिव' है।#शिव शब्द अर्थ#मंगल कल्याण#सर्वव्यापी