लोकअपराजिता भवन क्या है?अपराजिता सत्यलोक में सलज्ज नगर का वह दिव्य भवन है जहाँ ब्रह्मा जी विचक्षण सिंहासन पर विराजते हैं। अपराजिता = जो कभी पराजित न हो।#अपराजिता#भवन#सत्यलोक
पूजा विधिकाली माता को कौन सा फूल चढ़ाएं?काली माता को लाल 'गुड़हल' का फूल सबसे ज्यादा पसंद है। चूंकि शनिवार का दिन है, इसलिए शनि शांति के लिए नीले रंग का 'अपराजिता' फूल भी चढ़ाना बहुत शुभ होता है।#पुष्प#गुड़हल#अपराजिता
देवी-देवता पूजननीले फूल किस देवता को चढ़ाएं?नीले फूल मुख्यतः शनिदेव को चढ़ाए जाते हैं। अपराजिता (नीला फूल) शनि, विष्णु, दुर्गा और शिव को प्रिय है। शनिवार को अपराजिता अर्पित करने से शनि दोष दूर होता है।#नीला फूल#अपराजिता#शनि देव
पर्वदुर्गा पूजा में विजयादशमी पर अपराजिता पूजा क्या हैअपराजिता पूजा: विजयदशमी अपराह्न में। अपराजिता = अपराजित देवी (दुर्गा रूप)। ईशान कोण में अष्टदल कमल → अपराजिता पुष्प (नीले) + शमी पत्र → 'ॐ अपराजितायै नमः'। राम ने लंका विजय पूर्व की। बंगाल: दुर्गा विसर्जन से पूर्व। विजय और सफलता हेतु।#विजयदशमी#अपराजिता#दुर्गा