ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

अर्गला से जुड़े सभी प्रश्न(3)

अर्गला पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

देवी ग्रंथ

देवी अर्गला स्तोत्र का पाठ किस उद्देश्य से करें?

अर्गला = 'सांकल/ताला खोलने वाला' — देवी कृपा का द्वार खोले। प्रमुख प्रार्थना: 'रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि' — स्वास्थ्य, विजय, यश दो, शत्रु नाश करो। उद्देश्य: समृद्धि, शत्रु नाश, मनोकामना पूर्ति। पाठ क्रम: कवच → अर्गला → कीलक → मूल सप्तशती।

#अर्गला#दुर्गा सप्तशती#अंगपाठ
स्तोत्र एवं पाठ

अर्गला स्तोत्र पढ़ने से क्या लाभ

सप्तशती दूसरा अंग; देवी शक्ति 'ताला खोलना।' 'रूपं देहि जयं देहि' — धन, यश, सौंदर्य, शत्रु नाश, विजय। कवच→अर्गला→कीलक→सप्तशती क्रम। ~5-7 min।

#अर्गला#दुर्गा#सप्तशती
दुर्गा सप्तशती

दुर्गा सप्तशती पाठ के दौरान कवच किलक अर्गला का क्या महत्व है?

कवच = बीज/रक्षा (शरीर सुरक्षा)। अर्गला = शक्ति/बाधा हटाना। कीलक = चाबी/फल प्राप्ति। क्रम: शापोद्धार→कवच→अर्गला→कीलक→13 अध्याय। बिना इनके = अधूरा। विकल्प: सिद्ध कुंजिका स्तोत्र (इनकी जरूरत नहीं)।

#कवच#अर्गला#कीलक
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।