पूजा विधि एवं कर्मकांडसूर्य अर्घ्य मंत्र क्या है?सूर्य अर्घ्य का मुख्य मंत्र है — 'ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकंपये माम् भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर:॥' बीज मंत्र 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः' और सरल मंत्र 'ॐ घृणिं सूर्य आदित्य:' भी प्रचलित हैं। प्रातः उगते सूर्य को तांबे के पात्र से अर्घ्य देते समय इनका उच्चारण किया जाता है।#सूर्य अर्घ्य#सूर्य मंत्र#अर्घ्य मंत्र
पूजा विधिसंकष्टी चतुर्थी में चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?चाँद निकलने पर एक लोटे में पानी, कच्चा दूध, चावल, लाल चंदन और लाल फूल मिलाकर चंद्रमा को देखते हुए मंत्रों के साथ अर्घ्य देना चाहिए।
पूजा विधिपूर्णिमा के व्रत में चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?चांदी या तांबे के लोटे में कच्चा दूध, पानी, सफेद फूल, चंदन और चावल मिलाकर चंद्रमा को चढ़ाएं। इसके बाद ही प्रसाद खाकर व्रत खोलें।#चंद्र अर्घ्य#अर्घ्य मंत्र#पारण