विस्तृत उत्तर
पूर्णिमा व्रत का समापन चंद्रमा की पूजा के बिना अधूरा है। चंद्रोदय होने पर चांदी या तांबे के लोटे में कच्चा दूध, जल, सफेद फूल, चंदन और अक्षत मिलाएं। चंद्रमा की ओर देखते हुए "क्षीरोदार्णवसंभूत... ॐ सोमाय नमः" मंत्र बोलते हुए अर्घ्य दें। इसके बाद भगवान को चढ़ाया हुआ प्रसाद (पंजीरी या चरणामृत) खाकर व्रत का पारण (खोलना) करें।





