यमचोरी न करना योग में क्यों जरूरी है?विपत्ति में भी मन, वचन और कर्म से दूसरों का द्रव्य न लेना अस्तेय है।#अस्तेय#चोरी न करना#मन वचन कर्म
यमयोग में यम का मतलब क्या है?तप में प्रवृत्ति और विषय-भोगों से निवृत्ति को यम कहा गया है। अहिंसा इसका पहला हेतु है।#यम#तप#विषय निवृत्ति
लोकबिना पूछे फूल तोड़ना गलत क्यों माना गया?क्योंकि फूल किसान के श्रम और प्रकृति के अधिकार से जुड़ा था।#फूल#अस्तेय#प्रकृति