पूजन विधिवाहन पूजन से पहले क्या करें?पूजन से पहले: (1) तीन बार आचमन — 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...' मंत्र, (2) वाहन पर गंगाजल छिड़कें, (3) संकल्प लें — जल-अक्षत-पुष्प हाथ में लेकर गोत्र-नाम-स्थान उच्चारण करते हुए वाहन सुरक्षा की प्रतिज्ञा करें।#वाहन पूजन से पहले#आत्म शुद्धि#आचमन
निष्कर्षपंचोपचार पूजा को 'दीक्षा की आत्मा' क्यों कहते हैं?पंचोपचार पूजा दीक्षा की आत्मा है — यह आत्म-शुद्धि और ऊर्जा-संरेखण की वह प्रक्रिया है जो पात्र को गुरु कृपा धारण करने योग्य बनाती है। जैसे तैयार भूमि में मंत्र-बीज ही आत्म-साक्षात्कार के वृक्ष में फलता है।
दीक्षा के लिए शिष्य की पात्रतापंचोपचार पूजा शिष्य की पात्रता कैसे बनाती है?पंचोपचार पूजा शिष्य की पात्रता का सक्रिय निर्माण और परीक्षण है — इसमें शिष्य अपना शरीर, मन, हृदय, आत्मा और अहंकार समर्पित करके देवताओं-गुरु-मंडल का आशीर्वाद पाता है और पात्रता सिद्ध करता है।#पात्रता निर्माण#परीक्षण#आत्म शुद्धि
पूजा विधिपूजा में शुद्धि के मंत्र?पूजा से पहले खुद को शुद्ध करने (ॐ अपवित्रः पवित्रो वा...), अपने बैठने के आसन को शुद्ध करने (ॐ पृथ्वि! त्वया धृता...) और रुद्राक्ष की माला को शुद्ध करने के मंत्र पढ़े जाते हैं।#आत्म शुद्धि#आसन शुद्धि#माला शुद्धि