विस्तृत उत्तर
प्रदोष पूजा शुरू करने से पहले तीन तरह की शुद्धि होती है। 1. आत्म-शुद्धि: 'ॐ अपवित्रः पवित्रो वा... स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥', 2. आसन-शुद्धि: 'ॐ पृथ्वि! त्वया धृता लोका... पवित्रां कुरु चासनम्॥', और 3. माला-शुद्धि: 'ओम ऐं श्री अक्षमालाए नमः॥' इन मंत्रों से शरीर, आसन और रुद्राक्ष की माला शुद्ध की जाती है।





