ध्यान अनुभवध्यान में ईश्वर के साथ एकत्व का अनुभव कैसा होता है?'अहं ब्रह्मास्मि' = अनुभव। सर्वत्र ईश्वर (सब=एक=मैं)। अनंत प्रेम, शांति, आनंद अश्रु, शब्दहीन। 'तत् त्वम् असि' (छांदोग्य)। 'सर्वं खल्विदं ब्रह्म।' दुर्लभ → स्थिर=जीवनमुक्ति।#ईश्वर#एकत्व#अनुभव
अभेद दर्शनमकर संक्रांति पर शिव, विष्णु और सूर्य एक साथ क्यों पूजे जाते हैं?मत्स्य पुराण: ब्रह्मा, विष्णु, महेश और सूर्य में कोई भेद नहीं — मकर संक्रांति अभेद-दर्शन का पर्व। श्लोक: 'यथा भेदं न पश्यामि शिवविष्ण्वर्कपद्मजान्...' — शिव, विष्णु, सूर्य, ब्रह्मा सब एक हैं।
पुराणों में अर्धनारीश्वर का प्राकट्यपार्वती ने महादेव से क्या इच्छा प्रकट की थी?पार्वती ने महादेव से 'अंग से अंग' मिलाकर हमेशा के लिए साथ रहने की इच्छा प्रकट की थी, जिससे अर्धनारीश्वर स्वरूप का प्राकट्य हुआ।#पार्वती#महादेव#भक्ति