फलश्रुतिमकर संक्रांति का संचित पुण्य कब नष्ट होता है?मकर संक्रांति का संचित पुण्य तत्काल नष्ट होता है: कठोर वचन बोलने से, किसी असहाय/निर्धन/अनाथ/भिक्षुक का अपमान करने से।#संचित पुण्य नष्ट#कटु वचन#अपमान
नियम और निषेधमकर संक्रांति पर किसी का अपमान क्यों नहीं करना चाहिए?मकर संक्रांति पर: किसी असहाय, निर्धन, अनाथ या भिक्षुक का अपमान न करें। कठोर वचन बोलने से संक्रांति का संचित पुण्य तत्काल नष्ट हो जाता है।#अपमान निषेध#कटु वचन
नियम और निषेधवसंत पंचमी पर वाणी की शुद्धि क्यों जरूरी है?देवी सरस्वती = वाणी की अधिष्ठात्री। इस दिन कटु वचन, अपशब्द, किसी का अपमान या असत्य = साक्षात् वाग्देवी का अपमान। वाक्-शुद्धि = वसंत पंचमी व्रत का सबसे महत्वपूर्ण अदृश्य नियम।#वाक् शुद्धि#वाग्देवी अपमान#कटु वचन