लोकवितल लोक कर्म-भोग का स्थान क्यों है?वितल कर्म-भोग का स्थान है क्योंकि यहाँ आत्मा सकाम पुण्यों के फलस्वरूप भोग करती है, लेकिन मोक्ष नहीं पाती।#कर्म भोग#वितल लोक#भोग योनि
लोकसुतल लोक मोक्ष का स्थान है या कर्म-भोग का?गरुड़ पुराण के अनुसार सुतल लोक कर्म-भोग का स्थान है, मोक्ष का नहीं, पर भगवान विष्णु की उपस्थिति से यह पवित्र है।#सुतल मोक्ष#कर्म भोग#गरुड़ पुराण
मरणोपरांत आत्मा यात्राआत्मा जन्म-मृत्यु के चक्र में कब लौटती है?कर्मों का भोग पूरा होने के बाद आत्मा पुनः जन्म-मृत्यु के चक्र में लौटती है।#जन्म मृत्यु चक्र#कर्म भोग#नरक
मरणोपरांत आत्मा यात्रानरक भोगने के बाद आत्मा का क्या होता है?नरक भोगने के बाद आत्मा नया शरीर लेने के लिए जन्म-मृत्यु के चक्र में लौट आती है।#नरक#आत्मा#जन्म मृत्यु चक्र