पूजा विधान और नियमकामिका आगम के अनुसार काशी के महाकालेश्वर सिद्ध लिंग की पूजा में 'चण्डेश्वर पूजा' से छूट क्यों है?कामिका आगम के अनुसार सिद्ध लिंग ऊर्जा के इतने सघन केंद्र होते हैं कि उनका नैवेद्य साक्षात शिव का प्रसाद बन जाता है, इसलिए इसे ग्रहण करने के लिए चण्डेश्वर की अनुमति या मध्यस्थता अनिवार्य नहीं है।#चण्डेश्वर पूजा#कामिका आगम#सिद्ध लिंग नियम
आगमशास्त्र और दर्शनकाशी के महाकालेश्वर शिवलिंग को 'सिद्ध लिंग' क्यों कहा जाता है और इसका तात्त्विक अर्थ क्या है?