शुभ मुहूर्तमाँ काली की पूजा के लिए कौन सा समय सबसे शुभ है?काली पूजा का शुभ काल: कार्तिक अमावस्या (काली पूजा/दीपावली) = अत्यंत शुभ। निशिता काल (मध्यरात्रि) = विशेष फलदायी। ग्रहण काल, होली की रात्रि। कृष्ण पक्ष की अष्टमी या चतुर्दशी।#काली पूजा मुहूर्त#कार्तिक अमावस्या#निशिता काल
दीपावली और उपासना विधिदीपावली पर लक्ष्मी पूजा क्यों होती है?पद्म पुराण: वामन अवतार और बलि की उदारता से प्रसन्न विष्णु ने कार्तिक अमावस्या को 'बलिराज्य' घोषित किया। जो इस रात दीप जलाकर महालक्ष्मी का पूजन करता है उसके घर में वर्ष भर अलक्ष्मी का प्रवेश नहीं होता।
त्योहार पूजादीपावली पूजा की संपूर्ण विधि क्या है?दीपावली पूजा: सफाई → चौकी सज्जा → गणेश पूजन → महालक्ष्मी षोडशोपचार → महाकाली (दवात) → सरस्वती (बहीखाता) → कुबेर (तिजोरी) → दीप-मालिका (11/13/21 दीपक) → आरती → श्री सूक्त पाठ। रात भर दीप प्रज्वलित।#दीपावली#लक्ष्मी पूजा#गणेश पूजा