विस्तृत उत्तर
दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह पंचदिवसीय महापर्व है — धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिवाली), गोवर्धन पूजा और भैयादूज।
दीपावली लक्ष्मी पूजा की संपूर्ण विधि
1पूर्व तैयारी
- ▸घर की सम्पूर्ण सफाई-लिपाई (मां लक्ष्मी स्वच्छ स्थान पर निवास करती हैं)।
- ▸मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण, आम पत्ते।
- ▸संध्याकाल में स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
2पूजा स्थल सज्जा
- ▸लकड़ी की चौकी पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएँ।
- ▸लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति/प्रतिमा स्थापित करें (गणेश दाहिनी ओर, लक्ष्मी बायीं ओर)।
- ▸कलश स्थापना — जल भरा कलश, आम पत्ते, नारियल।
- ▸बहीखाता, कलम-दवात, तिजोरी/गल्ला भी पूजा स्थल पर रखें।
3पूजन क्रम (पाँच पूजन)
(क) गणेश पूजन: सर्वप्रथम गणेश जी का षोडशोपचार पूजन। 'ॐ गं गणपतये नमः।'
(ख) महालक्ष्मी पूजन: लक्ष्मी जी की नवीन मूर्ति का षोडशोपचार पूजन — पंचामृत स्नान, चन्दन, अक्षत, सिन्दूर, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य (खील-बताशे-मिठाई)। 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।'
(ग) महाकाली पूजन: लेखनी-दवात पर।
(घ) सरस्वती पूजन: बहीखाते पर। 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।'
(ङ) कुबेर पूजन: तिजोरी-गल्ले पर। 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये...'
4दीप-मालिका पूजन
तिल तेल/घी के 11, 13, 21 या अधिक दीपक प्रज्वलित करके पूजन। घर के प्रत्येक कोने, द्वार, देहली, रसोई, तिजोरी, तुलसी क्यारी में दीपक रखें।
5. आरती: 'ॐ जय लक्ष्मी माता...' आरती। शंख-घण्टा बजाएँ।
6. श्री सूक्त/लक्ष्मी सूक्त पाठ: पूजनोपरांत श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त, लक्ष्मी चालीसा का पाठ। यथासम्भव जागरण।
7. प्रसाद वितरण: खील-बताशे, मिठाई, पंचामृत का प्रसाद सबको बाँटें।
विशेष: दीपावली रात्रि पर्यंत दीपक प्रज्वलित रहना चाहिए। जुआ खेलने की कुप्रथा का शास्त्रों में कोई विधान नहीं है।





