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त्योहार पूजा📜 लक्ष्मी सूक्त, श्री सूक्त, विष्णु पुराण, स्कन्द पुराण, पूजा प्रकाश2 मिनट पठन

दीपावली पूजा की संपूर्ण विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

दीपावली पूजा: सफाई → चौकी सज्जा → गणेश पूजन → महालक्ष्मी षोडशोपचार → महाकाली (दवात) → सरस्वती (बहीखाता) → कुबेर (तिजोरी) → दीप-मालिका (11/13/21 दीपक) → आरती → श्री सूक्त पाठ। रात भर दीप प्रज्वलित।

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विस्तृत उत्तर

दीपावली कार्तिक मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह पंचदिवसीय महापर्व है — धनतेरस, नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा (मुख्य दिवाली), गोवर्धन पूजा और भैयादूज।

दीपावली लक्ष्मी पूजा की संपूर्ण विधि

1पूर्व तैयारी

  • घर की सम्पूर्ण सफाई-लिपाई (मां लक्ष्मी स्वच्छ स्थान पर निवास करती हैं)।
  • मुख्य द्वार पर रंगोली, तोरण, आम पत्ते।
  • संध्याकाल में स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।

2पूजा स्थल सज्जा

  • लकड़ी की चौकी पर लाल/पीला कपड़ा बिछाएँ।
  • लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति/प्रतिमा स्थापित करें (गणेश दाहिनी ओर, लक्ष्मी बायीं ओर)।
  • कलश स्थापना — जल भरा कलश, आम पत्ते, नारियल।
  • बहीखाता, कलम-दवात, तिजोरी/गल्ला भी पूजा स्थल पर रखें।

3पूजन क्रम (पाँच पूजन)

(क) गणेश पूजन: सर्वप्रथम गणेश जी का षोडशोपचार पूजन। 'ॐ गं गणपतये नमः।'

(ख) महालक्ष्मी पूजन: लक्ष्मी जी की नवीन मूर्ति का षोडशोपचार पूजन — पंचामृत स्नान, चन्दन, अक्षत, सिन्दूर, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य (खील-बताशे-मिठाई)। 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः।'

(ग) महाकाली पूजन: लेखनी-दवात पर।

(घ) सरस्वती पूजन: बहीखाते पर। 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः।'

(ङ) कुबेर पूजन: तिजोरी-गल्ले पर। 'ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये...'

4दीप-मालिका पूजन

तिल तेल/घी के 11, 13, 21 या अधिक दीपक प्रज्वलित करके पूजन। घर के प्रत्येक कोने, द्वार, देहली, रसोई, तिजोरी, तुलसी क्यारी में दीपक रखें।

5. आरती: 'ॐ जय लक्ष्मी माता...' आरती। शंख-घण्टा बजाएँ।

6. श्री सूक्त/लक्ष्मी सूक्त पाठ: पूजनोपरांत श्री सूक्त, लक्ष्मी सूक्त, लक्ष्मी चालीसा का पाठ। यथासम्भव जागरण।

7. प्रसाद वितरण: खील-बताशे, मिठाई, पंचामृत का प्रसाद सबको बाँटें।

विशेष: दीपावली रात्रि पर्यंत दीपक प्रज्वलित रहना चाहिए। जुआ खेलने की कुप्रथा का शास्त्रों में कोई विधान नहीं है।

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शास्त्रीय स्रोत
लक्ष्मी सूक्त, श्री सूक्त, विष्णु पुराण, स्कन्द पुराण, पूजा प्रकाश
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