ग्रंथों में उल्लेखकालिका पुराण में महामाया का स्वरूप कैसा बताया गया है?कालिका पुराण (14वीं सदी): महामाया स्वरूप = दस भुजाएँ + कमल पर आरूढ़ + अन्य योगिनियों से उच्च स्थान। शास्त्रीय निष्कर्ष: महामाया = आद्या शक्ति + संपूर्ण योगिनी-चक्र की अधिपति।#कालिका पुराण#दस भुजाएँ#कमल आसन
ग्रंथों में उल्लेखमहामाया का उल्लेख कौन से ग्रंथों में मिलता है?महामाया के ग्रंथ: मार्कण्डेय पुराण का देवी महात्म्य (ब्रह्मा की स्तुति), देवी भागवत पुराण (त्रिदेव की स्तुति), रुद्रयामल तंत्र (पराशक्ति), कालिका पुराण (दस भुजाएँ-कमल आसन), स्कंद पुराण (आद्यादेवी)।#महामाया ग्रंथ#देवी महात्म्य#रुद्रयामल तंत्र
सूर्य अर्घ्यमकर संक्रांति पर सूर्य अर्घ्य का मंत्र क्या है?सूर्य अर्घ्य मंत्र: (1) 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' — 11 या 108 बार, (2) कालिका पुराण: 'ॐ नमो विवस्वते ब्रह्मन् भास्वते विष्णुतेजसे...' (3) 'एहि सूर्य सहस्रांशो तेजोराशे जगत्पते। अनुकम्पय मां भक्त्या गृहाणार्घ्यं दिवाकर॥'#सूर्य अर्घ्य मंत्र#ॐ घृणि सूर्याय#एहि सूर्य
पौराणिक कथाभगवान राम की 'अकाल बोधन' दुर्गा पूजा क्या है?भगवान राम ने रावण को मारने के लिए असमय (अकाल) दुर्गा पूजा की थी और 108 कमल चढ़ाए थे। एक कमल कम पड़ने पर जब राम ने अपनी आँख निकालनी चाही, तो माता ने प्रकट होकर विजय का आशीर्वाद दिया था।#अकाल बोधन#भगवान राम#कालिका पुराण