कुम्भक और ऐक्यईश्वर और जीव का ऐक्य कैसे प्राप्त होता है?केवल कुम्भक में समरस होकर हृदय में शिव का ध्यान करने से साधक ईश्वर और जीव के ऐक्य को प्राप्त करता है।#ईश्वर जीव ऐक्य#समरसता#कुम्भक
कुम्भक और ऐक्यकुम्भक के साथ शिव ध्यान कैसे किया जाता है?सुषुम्णा मार्ग से 12, 24 और 36 मात्रात्मक कुम्भक द्वारा शंकर का ध्यान करना बताया गया है।#कुम्भक#मन्द कुम्भक#मध्यम कुम्भक
लोकप्राणायाम का ब्रह्मांडीय अर्थ क्या है?प्राणायाम भीतर के प्राण और ऊर्जा को संतुलित करता है।#प्राणायाम#कुम्भक#ब्रह्मांड
लोकश्वास अवरोध का अर्थ क्या है?श्वास अवरोध प्राण-प्रवाह के ठहरने को कहते हैं।#श्वास अवरोध#कुम्भक#प्राण