पौराणिक ज्ञानभागवत पुराण में कृष्ण लीला का आध्यात्मिक अर्थ?माखन चोरी=मन अर्पण। रासलीला=जीवात्मा+परमात्मा मिलन(भक्ति)। कालिया=अहंकार विजय। गोवर्धन=भक्त रक्षा। बाँसुरी=अहंकार रहित=ईश्वर बजाते। मूल: भक्ति(प्रेम)=मोक्ष।#भागवत#कृष्ण लीला#आध्यात्मिक
श्रीमद्भागवतकृष्ण गृहस्थ होकर भी निर्लिप्त कैसे रहे?कृष्ण गृहस्थ होकर भी निर्लिप्त रहे क्योंकि वे परमेश्वर हैं; वे अपनी माया से मनुष्यलोक में लीला करते हैं, पर प्रकृति के गुण उन्हें बांध नहीं पाते।#कृष्ण गृहस्थ जीवन#कृष्ण निर्लिप्त
श्रीमद्भागवतकृष्ण लीला सुनने का फल क्या है?कृष्ण लीला को सुनने, गाने, कीर्तन करने और याद करने वाले भक्त शीघ्र ही कृष्ण के चरणकमल का दर्शन पाते हैं, जो जन्म-मृत्यु का प्रवाह रोक देता है।#कृष्ण लीला#श्रवण#कीर्तन
श्रीमद्भागवतभगवान की कथा लिखना क्यों जरूरी है?भगवान की कथा इसलिए जरूरी है क्योंकि वही जीवों को बंधन से मुक्त करती है और दुखी मनुष्यों को शांति देती है।#भगवान की कथा#कृष्ण लीला#भक्ति
श्रीमद्भागवतवेदव्यास को भागवत लिखने की प्रेरणा किसने दी?वेदव्यास को भगवान की लीला और यश का वर्णन करने की प्रेरणा देवर्षि नारदजी ने दी।#वेदव्यास#नारदजी#भागवत प्रेरणा
त्योहार पूजाकृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी का आध्यात्मिक अर्थ क्या है?दही हांडी अर्थ: सामूहिक शक्ति (अकेले लक्ष्य अप्राप्य), माखन = साधना से प्राप्त आनन्द/प्रेम, ऊँचाई = कठिन आध्यात्मिक लक्ष्य, गिरना-उठना = साधना बाधाएँ, नन्दोत्सव = 'आनन्दं ब्रह्म।' कृष्ण = भक्त के प्रेम का चोर।#दही हांडी#गोविन्दा#कृष्ण लीला