लोकध्रुवलोक महर्लोक के लिए मापदंड क्यों है?ध्रुवलोक ब्रह्मांड का अचल धुरी-बिंदु है जिसके चारों ओर सब ग्रह परिक्रमा करते हैं। इसीलिए यह सभी लोकों की दूरियाँ मापने का केंद्रीय मापदंड है। महर्लोक इससे 1 करोड़ योजन ऊपर है।#ध्रुवलोक#महर्लोक#मापदंड
वास्तु शास्त्रवास्तु में घर का केंद्र बिंदु खाली रखना क्यों जरूरीब्रह्मस्थान पूरे घर की ऊर्जा का केंद्र है। खाली रखने से प्राण ऊर्जा सभी दिशाओं में प्रवाहित होती है। भारी सामान या निर्माण यहाँ करने से आर्थिक तंगी और स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं।#वास्तु
कुंडली ज्ञानकुंडली में राजयोग कैसे देखें?केंद्र(1,4,7,10)+त्रिकोण(1,5,9) स्वामी संबंध=पाराशरी राजयोग। गजकेसरी=गुरु+चंद्र केंद्र। नीच भंग=नीच ग्रह+स्वामी देखे। विपरीत=6/8/12। धन=1,2,5,9,11। फल=दशा+बल पर निर्भर। ⚠️ ज्योतिषी अनिवार्य — बहुत जटिल, स्वयं निर्णय=भ्रम।#राजयोग#कुंडली#केंद्र