मंदिर संस्कारमंदिर में मूर्ति का विसर्जन कब और कैसे होता है?
उत्सव मूर्ति: गणेश (अनन्त चतुर्दशी), दुर्गा (विजयदशमी)। विधि: उद्वासन पूजा → अंतिम आरती → शोभायात्रा → जल में विसर्जन + 'पुनरागमनाय च'। स्थायी: खंडित/पुरानी → उद्वासन → जल विसर्जन → नवीन+प्राण प्रतिष्ठा। पर्यावरण: मिट्टी+प्राकृतिक रंग, विसर्जन कुंड। तात्पर्य: अस्थायित्व का पाठ।
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