तीर्थ स्थलनागेश्वर ज्योतिर्लिंग कहाँ है और कैसे पहुँचें?द्वारका गुजरात (~18 km) — 12 ज्योतिर्लिंग दसवाँ। दारुक वध कथा। जामनगर एयरपोर्ट/द्वारका रेलवे। 25m शिव मूर्ति। द्वारकाधीश+बेट द्वारका साथ। सुबह 6-शाम 9।#नागेश्वर#ज्योतिर्लिंग#द्वारका
शिव मंदिरसोमनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा का विशेष विधान क्या है?12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम। चंद्रदेव (सोम) ने शापमुक्ति हेतु शिव तपस्या कर स्वर्ण मंदिर बनवाया (शिव पुराण, ऋग्वेद)। अरब सागर तट पर — बाणस्तम्भ (दक्षिण ध्रुव तक अबाधित)। 3 दैनिक आरतियां। रुद्राभिषेक, सवालाक्ष बिल्व, नवग्रह जाप। त्रिवेणी संगम स्नान। कृष्ण देहत्याग स्थल।
शिव मंदिरनागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा नाग दोष निवारण में कैसे सहायक है?नागेश्वर = नागों के ईश्वर। शिव = वासुकि (सर्प) धारक → राहु-केतु (सर्प ग्रह) नियंत्रक। कालसर्प दोष, सर्प भय निवारण। दूध+काले तिल अभिषेक, 'ॐ नागेश्वराय नमः' 108 जप। नागपंचमी विशेष।#नागेश्वर#ज्योतिर्लिंग#नाग दोष
तीर्थ स्थलमोढ़ेरा सूर्य मंदिर में सूर्य किरणें गर्भगृह पर कैसे पड़ती?मेहसाणा गुजरात — सोलंकी (1026 ई.)। विषुव पर सूर्य किरणें सीधे गर्भगृह सूर्य मूर्ति पर (1000 वर्ष गणना)। सूर्यकुंड 108 मंदिर, 52 स्तंभ (52 सप्ताह)। ASI संरक्षित।#मोढ़ेरा#सूर्य#गुजरात