त्योहार पूजाकरवा चौथ पर चंद्रमा देखकर व्रत क्यों खोलते हैं?चन्द्र दर्शन क्यों: चन्द्र = अमरता प्रतीक (क्षय बाद पुनः पूर्ण), शिव मस्तक (शिव-पार्वती पर्व), चतुर्थी तिथि देवता। कथा: वीरवती ने बिना चन्द्र देखे व्रत खोला → पति मृत्यु → सही चन्द्रोदय पर पारण → पति जीवित। छलनी = शुद्ध दृष्टि।#करवा चौथ चंद्रमा#चन्द्र दर्शन#व्रत पारण
व्रतसंकष्टी चतुर्थी व्रत कैसे रखेंसंकष्टी चतुर्थी: कृष्ण पक्ष चतुर्थी, गणेश व्रत। प्रातः स्नान → संकल्प → दिनभर उपवास → सायं गणेश पूजा (दूर्वा, मोदक, लाल फूल) → 'ॐ गं गणपतये नमः' 108 बार → चन्द्रोदय पर चन्द्र दर्शन + अर्घ्य → तभी पारण। मंगलवार = अंगारकी (अत्यन्त शुभ)।
त्योहार पूजाकरवा चौथ व्रत की पूजा विधि क्या है?करवा चौथ: सरगी (भोर) → निर्जला व्रत → संध्या पूजा (करवा, गौर-पार्वती) → कथा श्रवण → चन्द्रोदय पर छलनी से चाँद देखें → फिर पति मुख → चन्द्र अर्घ्य → पति जल-मिठाई खिलाकर व्रत खोलें → करवा दान।#करवा चौथ#व्रत#चन्द्र दर्शन