पाप प्रायश्चितचोरी के पाप से मुक्ति कैसे मिलती है?ब्राह्मण का धन हरण करने वाले और स्वर्ण चोरी करने वाले के लिए दस लाख अघोर मंत्र जप से पापमुक्ति बताई गई है।#चोरी#स्वर्ण चोरी#ब्राह्मण धन
जीवन एवं मृत्युचोरी करने वाले को किस नरक में भेजा जाता है?चोरी करने वाले को — पयू नरक (मल में), तमिश्रम नरक (बार-बार पिटाई), शाल्मी-वृक्ष (छल से धन)। स्वर्ण-चोरी महापाप — घोर नरक। पुनर्जन्म में दरिद्रता।#चोरी#पयू नरक#तमिश्रम
जीवन एवं मृत्युतामिस्र नरक में किसे भेजा जाता है?तामिस्र नरक में — चोर (प्रमुख), धोखेबाज, दूसरों की संपत्ति हड़पने वाले और लोभ से निर्दोष जीव-हत्यारे भेजे जाते हैं।#तामिस्र नरक#पात्र#चोरी
जीवन एवं मृत्युचोरी करने वाले को क्या दंड मिलता है?चोरी करने वाले को — सामान्य चोर को पयू नरक (मल में), छल से धन कमाने वाले को शाल्मी-वृक्ष, धरोहर हड़पने वाले को वैतरणी की यातना। पुनर्जन्म में दरिद्रता और निरंतर अभाव।#चोरी#दंड#नरक