मंत्र जप नियममंत्र जप छोड़ने के बाद दोबारा शुरू करने का क्या नियम है?कोई दंड नहीं। शुभ दिन + नया संकल्प। माला शुद्धि (गंगाजल+108 जप)। क्षमा प्रार्थना। 108/दिन से शुरू। 'देर आए दुरुस्त आए।' ईश्वर = प्रसन्न।#छोड़ना#दोबारा#शुरू
दुर्गा सप्तशतीदुर्गा सप्तशती का पाठ अधूरा छोड़ देने से क्या होता है?अशुभ: फल नहीं, शक्ति अपूर्ण। किन्तु देवी = माता, क्षमाशील। प्रायश्चित: क्षमा प्रार्थना, पुनः आरंभ, नवार्ण मंत्र 108 जप, गुरु परामर्श। पूर्ण करें — भय न रखें।#अधूरा
तंत्र शास्त्रतंत्र साधना छोड़ देने के क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं?अनुष्ठान अधूरा = मंत्र दोष, ऊर्जा असंतुलन। नाम जप छोड़ना = कोई दंड नहीं (पुनः आरंभ)। संकल्प अनुष्ठान = गुरु से प्रायश्चित्त। उग्र तांत्रिक = गुरु परामर्श अनिवार्य। छोड़ने से पहले गुरु से बात।#छोड़ना#दुष्परिणाम#अधूरी साधना