ऊर्जा संरक्षणजप पूरा होने के बाद जल क्यों छोड़ते हैंजप के पुण्य को देवराज इंद्र द्वारा हरे जाने से बचाने और उत्पन्न आध्यात्मिक ऊर्जा को वापस अपने शरीर में समाहित करने के लिए आसन के नीचे जल छोड़ा जाता है।#जल स्पर्श#जप नियम#पुण्य संरक्षण
ऊर्जा संरक्षणमंत्र की ऊर्जा को शरीर में कैसे रखेंकुशा या ऊनी आसन का प्रयोग करें, जप के बाद आसन के नीचे जल गिराकर मस्तक पर लगाएं और अंत में सारा जप ईश्वर को अर्पित कर दें ताकि ऊर्जा बिखरने न पाए।#ऊर्जा संरक्षण#जप नियम#आसन
शिव मंत्रशिव मंत्र जप के दौरान उपवास जरूरी है या नहीं?नित्य जप: उपवास अनिवार्य नहीं, सात्विक आहार पर्याप्त। विशेष अनुष्ठान (सवा लाख जप): उपवास/एकाहार/फलाहार का विधान। सोमवार व्रत, महाशिवरात्रि पर जप+उपवास विशेष फलदायी। मांस-मदिरा-तामसिक आहार सदा वर्जित। शारीरिक स्थिति अनुसार निर्णय लें।#उपवास#जप नियम#साधना
शिव शाबर मंत्रशाबर मंत्रों के संदर्भ में 'अजपा जप' क्या है?बिना शब्द बोले, मन ही मन मंत्र के अर्थ और भावना के साथ एकाकार होना अजपा जप है।#अजपा जप#भाव ध्यान#जप नियम
शिव शाबर मंत्रशाबर साधना के लिए आसन और जप के क्या निर्देश हैं?लाल ऊनी आसन, रुद्राक्ष माला और रोजाना 501 या 1100 बार मंत्र का जप करना आवश्यक है।#आसन#जप नियम#रुद्राक्ष माला
शिव शाबर मंत्रशाबर मंत्र साधना कितने दिनों की होती है और जप संख्या क्या है?यह 41 दिनों की साधना है, जिसमें रोजाना 501 या 1100 बार मंत्र जप किया जाता है।#साधना अवधि#जप नियम#नियम
श्री रुद्र-कवच-संहिताकवच पाठ के लिए सबसे उत्तम दिशा कौन सी है?कवच का पाठ करने के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना सबसे अच्छा है।#दिशा#जप नियम#साधना
पाशुपत अस्त्र साधनाजप करते समय किन विशेष नियमों का ध्यान रखना चाहिए?सिर ढककर रखें, माला गुप्त रखें और जप में अंगूठे व मध्यमा उंगली का प्रयोग करें।#जप नियम#सावधानी#सुमेरु
मंत्र साधनामंत्र जप में माला के मनके गिनने में गलती हो जाए तो क्या करें?माला गलती: चिंता न करें, जप जारी रखें। कम हो जाए = अतिरिक्त जप। सुमेरु कभी न लाँघें — माला उलटा घुमाएँ। तर्जनी से न छुएँ। भावना > गिनती। उपाय: चावल/तिल से माला गिनती, आँखें बंद रखें।#माला गिनती#गलती#जप नियम
बीज मंत्रबीज मंत्र जप के नियम क्या हैं?कुलार्णव: शुद्ध स्थान, शुद्ध समय, शुद्ध वेश, शुद्ध मन — चारों शुद्धि से सिद्धि। नियम: स्नान, सात्विक आहार, मौन, ब्रह्मचर्य, नित्य निश्चित संख्या, जप बीच में न छोड़ें, मंत्र गोप्य रखें। माला जमीन पर न रखें।#जप नियम#मंत्र अनुशासन#शुद्धता