ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

ज्ञान योग से जुड़े सभी प्रश्न(5)

ज्ञान योग पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

भगवद गीता

गीता में ज्ञान योग क्या है?

ज्ञान योग = आत्मा-ब्रह्म के यथार्थ बोध से मोक्ष। विचारकों के लिए। स्थितप्रज्ञ अवस्था — कामना-भय-क्रोध से मुक्त। क्षेत्र (शरीर) और क्षेत्रज्ञ (आत्मा) का विवेक (अध्याय 13)। 'सर्वकर्म ज्ञान में परिसमाप्त होते हैं' (4)। समदर्शिता — सभी में ईश्वर दर्शन।

#ज्ञान योग#गीता#आत्मज्ञान
शिष्य परम्परा

भस्म-विभूषित योगी कौन थे?

योगाचार्यों के महात्मा शिष्य भस्म-विभूषित शरीर वाले बताए गए हैं।

#भस्म-विभूषित#योगी#योगाचार्य शिष्य
भक्ति एवं आध्यात्म

मोक्ष के चार मार्ग कौन से हैं?

ज्ञान योग, भक्ति योग, कर्म योग और राज योग — ये मोक्ष के चार प्रमुख मार्ग हैं। इनमें से कोई भी एक मार्ग साधक की प्रकृति के अनुसार मुक्ति तक पहुँचा सकता है।

#मोक्ष मार्ग#ज्ञान योग#भक्ति योग
आत्मा और मोक्ष

ज्ञान मार्ग से मोक्ष कैसे प्राप्त करें

ज्ञान मार्ग: 'अहं ब्रह्मास्मि' — आत्मा-ब्रह्म एकत्व का बोध = मोक्ष। साधन: विवेक + वैराग्य + षट्सम्पत्ति + मुमुक्षुत्व। विधि: श्रवण → मनन → निदिध्यासन। गीता 4.38 — ज्ञान से पवित्र कुछ नहीं। यह सबसे प्रत्यक्ष पर कठिनतम मार्ग है।

#ज्ञान योग#अद्वैत#आत्म ज्ञान
गीता ज्ञान

गीता का ज्ञान क्या है?

गीता के मुख्य संदेश: आत्मा अमर है (शरीर नष्ट हो पर आत्मा नहीं); निष्काम कर्म करो — फल की चिंता छोड़ो; ज्ञान, भक्ति, कर्म और ध्यान — चारों मार्ग ईश्वर तक ले जाते हैं। अंतिम उपदेश: 'सर्वधर्मान् परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज' — केवल ईश्वर की शरण में जाओ।

#गीता ज्ञान#कर्म योग#भक्ति योग
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।