गुरु-शिष्य परंपरागुरु क्या होता है?गुरु वह है जो अज्ञान के अंधकार को हटाकर ज्ञान का प्रकाश देता है। शास्त्रों में गुरु को ब्रह्मा, विष्णु और महेश के तुल्य माना गया है। मुण्डकोपनिषद के अनुसार ब्रह्मज्ञान के लिए वेदज्ञाता और ब्रह्मनिष्ठ गुरु के पास जाना अनिवार्य है।#गुरु#आध्यात्मिक मार्गदर्शक#गुरु-शिष्य
गुरु परंपराबिना गुरु के मोक्ष प्राप्त हो सकता है क्या?अधिकांश शास्त्र: गुरु आवश्यक (कबीर/मुंडकोपनिषद/गीता)। विपरीत: रमण महर्षि=आत्मविचार, गीता(10.11)=ईश्वर स्वयं गुरु, दत्तात्रेय=प्रकृति गुरु। बिना गुरु=कठिन पर असंभव नहीं। गुरु+शास्त्र+साधना=सुरक्षित।#बिना गुरु#मोक्ष#ज्ञान
बीज मंत्र'ऐं' बीज मंत्र विद्या प्राप्ति के लिए कैसे प्रभावी है?सरस्वती/वाग्बीज। बुद्धि, स्मरण, वाक् सिद्धि, विद्या, कला। 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' 108। बसंत पंचमी/बुधवार। सफेद/पीला, स्फटिक माला। 'ऐं ह्रीं क्लीं' = त्रिशक्ति।#ऐं#बीज#विद्या