मंत्र विधिपितृ दोष निवारण के लिए कौन सा मंत्र जपें?सरलतम: 'ॐ पितृभ्यो नमः' 108 बार। पितृ गायत्री। महामृत्युंजय (1,25,000 जप)। गीता 15वाँ अध्याय। 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय'। दक्षिण दिशा, काले तिल माला, प्रातःकाल।#पितृ दोष मंत्र#तर्पण मंत्र#पितृ शांति
लोकस्वधा नमः क्यों बोलते हैं?स्वधा नमः पितरों तक अर्पण पहुँचाने वाला मंत्र है।#स्वधा नमः#तर्पण मंत्र#श्राद्ध
लोकपिता के तर्पण में वसुरूप शब्द क्यों बोला जाता है?पिता प्रथम पीढ़ी और स्थूल भौतिक संबंध के पितृ हैं, इसलिए उन्हें तर्पण में वसुरूप कहा जाता है।#पिता तर्पण#वसुरूप#वसु
तर्पणमकर संक्रांति पर तर्पण का मंत्र क्या है?तर्पण मंत्र (यजुर्वेद): 'ॐ उदीरतामवर उत्पास उन्मध्यमाः पितरः सोम्यासः। ॐ आयन्तु नः पितरः सोम्यासोऽग्निष्वात्ताः पथिभिर्देवयानैः॥' विधि: दक्षिण दिशा में मुख करके अंजलि से तिल मिश्रित जल अर्पित करें।#तर्पण मंत्र#यजुर्वेद#उदीरताम अवर