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तांत्रिक मंत्र से जुड़े सभी प्रश्न(8)

तांत्रिक मंत्र पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 8 प्रश्न उपलब्ध हैं।

ग्रह शांति

शनि देव का तांत्रिक मंत्र और जप का समय

शनि के तांत्रिक मंत्र 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' का जप हमेशा सूर्यास्त के बाद या रात्रि में, पश्चिम मुख होकर काले हकीक की माला से करना चाहिए।

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शिव मंत्र

श्मशान भैरव मंत्र का जप कैसे और कब करना चाहिए?

श्मशान भैरव = शिव का उग्र तांत्रिक स्वरूप। गुरु दीक्षा अनिवार्य — बिना गुरु कदापि न करें। काल: अर्धरात्रि, अमावस्या, अष्टमी। बटुक भैरव मंत्र अपेक्षाकृत सौम्य विकल्प। कठोर नियम: ब्रह्मचर्य, गोपनीयता, एकांत। गलत प्रयोग से गंभीर दुष्परिणाम संभव। केवल प्रमाणिक गुरु से ही सीखें।

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तंत्र साधना

क्या घर में तांत्रिक मंत्रों का जाप सुरक्षित है

सौम्य तांत्रिक मंत्र घर में जपना सुरक्षित और फलदायी है, लेकिन उग्र तांत्रिक मंत्रों (जैसे धूमावती या श्मशान काली) का घर में जप करना अत्यंत असुरक्षित है और इससे भारी विनाश हो सकता है।

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मंत्र

उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्र क्या है?

उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्र: (1) 'ऐं नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (2) 'नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (3) 'ॐ ह्रीं ऐं श्रीं नमो भगवति उच्छिष्टचांडालि श्रीमातंगेश्वरि सर्वजन वशंकरि स्वाहा।'

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महाकाल भैरव मंत्र

महाकाल भैरव का तांत्रिक मंत्र क्या है?

महाकाल भैरव तांत्रिक मंत्र: 'ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नमः' और 'ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्' — ये केवल दीक्षा-प्राप्त साधकों के लिए हैं।

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मंत्र और स्तोत्र

महाकालेश्वर शिवलिंग के पूजन, अभिषेक और ध्यान के लिए किन वैदिक और तांत्रिक मंत्रों का प्रयोग करना चाहिए?

पूजा के लिए स्कंद पुराण का 'ॐ हूँ विश्वमूर्तये नमः', अकाल मृत्यु भय नाशक महाकालेश्वर गायत्री (ॐ महाकालेश्वराय विद्महे...), अघोर ध्यान मंत्र और शुद्धि के लिए आत्मतत्त्व शोधन मंत्र का प्रयोग करना शास्त्रसम्मत है।

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शक्ति उपासना

छिन्नमस्ता मंत्र के बोल क्या हैं?

छिन्नमस्ता का मुख्य मंत्र है — 'श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा॥'। इसमें चार बीजाक्षर (श्रीं, ह्रीं, क्लीं, ऐं) संयुक्त हैं। वे दस महाविद्याओं में छठी, स्वयंबलि और आत्मसंयम की देवी हैं। उनका मंदिर राँची के पास रजरप्पा में है।

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तंत्र एवं साधना

मारण मंत्र की सच्चाई क्या है?

मारण मंत्र तंत्र के षट्कर्मों में से एक है — जिसका उद्देश्य शत्रु को हानि पहुँचाना बताया जाता था। इसका कोई प्रमाणित वैज्ञानिक आधार नहीं है। शास्त्रों में अन्य की हानि के लिए मंत्र-प्रयोग को पाप माना गया है और धर्मशास्त्र किसी के प्राण लेने का अधिकार किसी मनुष्य को नहीं देते। इसे किसी भी दृष्टि से अनुकरणीय नहीं माना जाना चाहिए।

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