अविद्यातम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।#तम#मोह#महामोह
अविद्याअविद्या के पांच प्रकार कौन से हैं?अविद्या के पांच प्रकार तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र बताए गए हैं।#अविद्या#तम#मोह
लोकआत्म-संरक्षण की अंधी प्रवृत्ति तलातल की प्राप्ति से कैसे जुड़ी है?आत्म-संरक्षण की अंधी प्रवृत्ति परमसत्य से विमुख करती है और तलातल की तामिस्र ऊर्जा से जुड़ती है।#आत्म-संरक्षण#तलातल प्राप्ति#परमसत्य
लोकतलातल में आत्म-संरक्षण की प्रवृत्ति क्यों तीव्र है?तामिस्र ऊर्जा और अहंकार के कारण तलातल में आत्म-संरक्षण की वृत्ति तीव्र है।#आत्म-संरक्षण#तलातल#तामिस्र
लोकतलातल में लोभ और कपट का क्या संबंध है?तलातल की तामिस्र ऊर्जा लोभ और कपट को बढ़ाती है।#तलातल#लोभ#कपट
लोकतलातल की ऊर्जा को तामिस्र क्यों कहा गया है?तलातल की तामिस्र ऊर्जा लोभ, कपट और आत्म-संरक्षण की तीव्र प्रवृत्ति पैदा करती है।#तामिस्र#तलातल ऊर्जा#लोभ
जीवन एवं मृत्युक्या नरक में जीव को अंधकार में रखा जाता है?हाँ। तामिस्र नरक (अंधकारमय गुफा), अंधतामिस्त्र नरक (परम अंधकार, अधर्म के लिए), अंधतोमिस्र नरक (चुगली पर अंधेरे में तड़पाना)। पाप ज्ञान नष्ट करता है — इसीलिए अंधकार।#नरक#अंधकार#तामिस्र