शिव पूजा विधित्रिपुंड भस्म लगाने का आध्यात्मिक महत्व क्या है?तीन रेखाओं के अर्थ: त्रिगुण (सत्त्व-रज-तम), त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश), तीन लोक, तीन अग्नि, ॐ (अ-उ-म), तीन शक्तियां। जाबालोपनिषद्: त्रिपुंड = सर्वपाप मुक्ति, शिव सायुज्य। भस्म = अनित्यता, वैराग्य, अहंकार त्याग।#त्रिपुंड#भस्म#तीन रेखाएं
हवन कुंड और पञ्चभूसंस्कारउल्लेखन में तीन रेखाएं कैसे खींचते हैं?उल्लेखन = स्रुवा या कुशा से कुंड में पश्चिम से पूर्व की ओर तीन रेखाएं। क्रम: पहली दक्षिण में, दूसरी मध्य में, तीसरी उत्तर में (दक्षिण से उत्तर क्रम)। विपरीत क्रम = अमंगलकारी।
मंत्र और उपासनाभस्म (त्रिपुंड) धारण का क्या महत्व है?त्रिपुंड = अनामिका-मध्यमा-कनिष्ठिका से भ्रुकुटी के मध्य तीन रेखाएं। यह ब्रह्मा, विष्णु और रुद्र का प्रतीक है। 'ॐ नमः शिवाय' बोलते हुए धारण करने से शिव की परम भक्ति प्राप्त होती है।#भस्म त्रिपुंड#ब्रह्मा विष्णु रुद्र#भक्ति