नैवेद्य और दानमहामृत्युंजय अनुष्ठान में कौन सा दान करना चाहिए?महामृत्युंजय अनुष्ठान में दान: गोदान, स्वर्ण दान, वस्त्र दान, अन्न दान। रोग-निवारण में औषधि दान और निर्धन भोजन पुण्यकारी। अंत में 13 ब्राह्मणों और कन्याओं को सात्विक भोजन और दक्षिणा।#दान विधान#गोदान#स्वर्ण वस्त्र अन्न
पूजा विधिश्राद्ध में कौन सी 10 चीजों का 'महादान' करना चाहिए?पितरों के मार्ग की रुकावटें दूर करने के लिए श्राद्ध में 10 महादान करने चाहिए: गाय, ज़मीन, काले तिल, सोना, घी, कपड़े, अनाज, गुड़, चांदी और नमक का दान।
उद्यापन और दानउद्यापन के दिन ब्राह्मणों को क्या दान देना चाहिए?उद्यापन के दिन ब्राह्मणों को बिना नमक का भोजन (पूरी, हलवा, चूरमा) कराना चाहिए। इसके साथ ही लाल कपड़ा, तांबे का बर्तन, गुड़, नारियल, दक्षिणा और हनुमान चालीसा दान करनी चाहिए।#ब्राह्मण भोज#दान विधान#मंगल शांति
उपासना का फलनंदीशेनेश्वर शिवलिंग के दर्शन और दान के क्या फायदे (फल) हैं?इसके दर्शन और अभिषेक मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और साधक मृत्यु के पश्चात 'शिवलोक' प्राप्त करता है। पूजा के बाद गोदान या अन्न-दान करने से योग-साधना निर्विघ्न पूर्ण होती है।#शिवलोक प्राप्ति#दान विधान#पाप नाश