नित्य कर्मसुबह उठने के बाद का मंत्रप्रातःकाल आंख खुलते ही दोनों हथेलियों के दर्शन करते हुए 'कराग्रे वसते लक्ष्मीः...' श्लोक का उच्चारण करना चाहिए। यह दिनभर के कर्मों में धन, विद्या और सफलता सुनिश्चित करता है।#दिनचर्या#प्रातः काल#कर दर्शन
साधना मार्गसुबह ध्यान करना बेहतर है या शाम को?शास्त्र-परंपरा के अनुसार ब्रह्ममुहूर्त (सूर्योदय से डेढ़ घंटे पहले) सर्वश्रेष्ठ है — प्रकृति में सात्विकता, मन की ताजगी और दिन की तैयारी। परंतु सबसे महत्वपूर्ण नियमितता है — जो समय नियमित निभा सकें, वही उत्तम है।#ध्यान#ब्रह्ममुहूर्त
दैनिक आचारसुबह स्नान करने का सही समय क्या हैब्रह्म मुहूर्त (3:30-5:30 AM) = सर्वोत्तम। सूर्योदय पूर्व = उत्तम। आयुर्वेद (अष्टांग हृदय): प्रातः स्नान अनिवार्य। कामकाजी: 6-7 बजे स्वीकार्य। सूर्यास्त बाद = कुछ परंपरा में अशुभ।#स्नान#ब्रह्म मुहूर्त#समय