पूजन विधिगाड़ी पर स्वस्तिक क्यों बनाते हैं?स्वस्तिक = 'सु + अस्ति' = शुभ हो/कल्याण हो। चार भुजाएं = चार दिशाएं; केंद्र = ब्रह्म; चार बिंदु = धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष। बोनट पर रोली-सिंदूर से बनाएं। ऊपर 'ॐ', बगल में 'शुभ-लाभ' लिखें। चारों दिशाओं से दैवीय सुरक्षा।#स्वस्तिक#चार दिशाएं#ब्रह्म
श्रीसूक्त में माँ लक्ष्मी का स्वरूपमाँ लक्ष्मी के चार हाथों का क्या अर्थ है?चार हाथ = पुरुषार्थ चतुष्टय (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष)। दो हाथों में कमल = आध्यात्मिक पूर्णता। एक हाथ अभय मुद्रा = भय-दरिद्रता से सुरक्षा। एक हाथ वरद मुद्रा = असीम उदारता और सत्कामनाओं की पूर्ति।
शास्त्रीय प्रमाण और फलश्रुतिरसार्णव तंत्र में पारद शिवलिंग के बारे में क्या कहा गया है?रसार्णव तंत्र कहता है: 'रसराज (पारद) की कृपा से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष — चारों पुरुषार्थों की सिद्धि होती है, इसमें लेशमात्र संदेह नहीं।'#रसार्णव तंत्र#चार पुरुषार्थ#रसराज प्रसाद