ध्यान साधनाध्यान से अंतर्ज्ञान कैसे विकसित होता है?मन शांत→अंतर्ध्वनि, आज्ञा→तीसरी आंख, पतंजलि (3.33): 'प्रातिभ से सब जाना', अवचेतन accessible, ऊर्जा sensitivity। 'सही निर्णय स्वतः।' अंतर्ज्ञान≠कल्पना — विनम्रता+परीक्षा।#अंतर्ज्ञान#intuition#विकसित
ध्यान अनुभवगहरे ध्यान में शरीर सुन्न हो जाने का क्या कारण है?प्रत्याहार (इंद्रियां अंतर्मुखी), शरीर transcend, प्राण shift। या शारीरिक (बैठना→रक्त↓)। सुखद सुन्न=आध्यात्मिक(शुभ)। असहज=शारीरिक(बदलें)। बाद=धीरे awareness।#सुन्न#शरीर
मंत्र जप दर्शनमंत्र जप ध्यान की तैयारी है या स्वयं ध्यान है?दोनों। शुरुआत = तैयारी (धारणा→ध्यान)। गहन = स्वयं ध्यान (जपकर्ता+मंत्र+देवता = एक)। क्रम: वाचिक→उपांशु→मानस→अजपा→ध्यान→समाधि। 'जप से ध्यान, ध्यान से समाधि।'#जप#ध्यान#तैयारी