व्रत एवं त्योहारनरक चतुर्दशी की कथा क्या है?नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी पत्नी सत्यभामा की सहायता से अत्याचारी राक्षस नरकासुर का वध किया और 16 हजार बंदी स्त्रियों को मुक्त कराया था। इसी की खुशी में दीप जलाए गए और यह पर्व मनाया जाने लगा।#नरक चतुर्दशी#नरकासुर#कृष्ण
व्रत एवं त्योहारदीपावली पर पाँच दिन कौन-कौन से त्योहार हैं?दीपावली के पाँच दिन हैं: धनतेरस (धन्वंतरि पूजा), नरक चतुर्दशी (नरकासुर वध स्मृति), दीपावली (लक्ष्मी-गणेश पूजन), गोवर्धन पूजा (अन्नकूट), और भाई दूज (यम द्वितीया)।#दीपावली#धनतेरस
त्योहार पूजानरक चतुर्दशी पर सुबह तेल स्नान क्यों करते हैं?नरक चतुर्दशी तेल स्नान: कृष्ण ने नरकासुर वध के बाद प्रातः अभ्यंग स्नान किया — उसी स्मृति में। विधि: ब्रह्म मुहूर्त → तिल/सरसों तेल मालिश → हल्दी-बेसन उबटन → गर्म जल स्नान। फल: नरक यातना मुक्ति, पाप शुद्धि।#नरक चतुर्दशी#छोटी दिवाली#अभ्यंग स्नान