लोकगीता का 'आब्रह्मभुवनाल्लोकाः' सत्यलोक पर कैसे लागू होता है?गीता (8.16) सकाम कर्मियों पर पूरी तरह लागू है — वे सत्यलोक से भी लौटते हैं। पर क्रम मुक्ति के अधिकारी नहीं लौटते — वे महाप्रलय में मोक्ष पाते हैं।#गीता 8.16#सत्यलोक#पुनरावर्तन
लोकसत्यलोक और शाश्वत वैकुंठ में मूलभूत अंतर क्या है?सत्यलोक — भौतिक ब्रह्मांड में, नश्वर, महाप्रलय में नष्ट। वैकुंठ — प्रकृति के गुणों और प्रलय से परे, शाश्वत, जहाँ से कोई नहीं लौटता।#सत्यलोक#वैकुंठ
लोकक्या सत्यलोक नष्ट होता है?हाँ, सत्यलोक भी नष्ट होता है — यह शाश्वत नहीं है। गीता (8.16) कहती है ब्रह्मलोक तक सभी लोक नश्वर हैं। महाप्रलय में सत्यलोक भी समाप्त होता है।#सत्यलोक#नश्वर#महाप्रलय