विस्तृत उत्तर
हाँ, सत्यलोक नष्ट होता है। यद्यपि सत्यलोक के निवासियों के लिए रोग, बुढ़ापा और मृत्यु का कोई भय नहीं होता और वे अरबों-खरबों वर्षों तक वहाँ जीवित रहते हैं किन्तु यह लोक शाश्वत (सनातन) नहीं है। भगवद्गीता (८.१६) में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं — आब्रह्मभुवनाल्लोकाः पुनरावर्तिनोऽर्जुन — अर्थात ब्रह्मलोक तक के सभी लोक अंततः प्रलय के अधीन हैं। जब ब्रह्मा जी की सौ वर्ष की आयु पूर्ण होती है तब प्राकृतिक महाप्रलय घटित होती है और उस चरम समय में स्वयं सत्यलोक भी नष्ट हो जाता है। तब सत्यलोक के निवासी ब्रह्मा जी के साथ शाश्वत वैकुण्ठ में प्रवेश करते हैं।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





