श्राद्ध भेदनान्दीमुख श्राद्ध क्या है?
नान्दीमुख श्राद्ध वह विशेष श्राद्ध है जो किसी शुभ अवसर पर पितरों को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। नान्दी का अर्थ है आनन्द, और मुख का अर्थ है सम्मुख। इसे वृद्धिश्राद्ध भी कहते हैं। यह विवाह, उपनयन यानी जनेऊ, पुत्र-जन्म, गृह-प्रवेश, या यज्ञ से पहले होता है। इसमें पितरों के साथ देवताओं का भी आवाहन होता है, और भाव शुभ-हर्ष का होता है।
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