शिव पूजाशिव पूजा में नियमितता का क्या महत्व है?
नियमितता = सबसे महत्वपूर्ण। शिव पुराण: अखंड साधक कदापि विफल नहीं। पतंजलि: दीर्घकाल+निरंतर+श्रद्धा = दृढ़ अभ्यास। 'अल्प किन्तु नित्य' सिद्धांत अपनाएं। एक ही समय, कम से कम एक माला जप नित्य। अनियमितता से मंत्र शक्ति क्षीण। व्यस्तता में मानसिक जप जारी रखें।
#नियमितता#नित्य पूजा#अभ्यास