शिव तत्त्वअलिंग क्या है?अलिंग निर्गुण ब्रह्म शिव है, जो शब्द, स्पर्श, रूप, रस और गन्ध आदि से रहित बताया गया है।#अलिंग#निर्गुण शिव#निर्गुण ब्रह्म
वेदांत दर्शनअद्वैत वेदांत में विष्णु का क्या स्थान है?अद्वैत (शंकराचार्य): एक ही सत्ता सत्य = निर्गुण-निराकार परब्रह्म। माया से युक्त होने पर सगुण विष्णु/शिव। जीव और ब्रह्म तत्वतः एक। दृश्यमान जगत = माया-जनित मिथ्या। सगुण विष्णु भक्ति → चित्त शुद्धि → निर्गुण ब्रह्म प्राप्ति → ब्रह्म में लीन।#अद्वैत वेदांत#शंकराचार्य#निर्गुण ब्रह्म
दर्शननेति नेति का अर्थ क्या है उपनिषदों में?'नेति नेति' (यह नहीं, यह नहीं) = बृहदारण्यक उपनिषद (2.3.6)। ब्रह्म को जानने की निषेध विधि — जो कुछ भी सीमित/नाशवान/दृश्य है, वह ब्रह्म नहीं। सब नकार दो, जो शेष बचे वही ब्रह्म। शंकराचार्य: यह शून्य नहीं, अतिरेक है।#नेति नेति#बृहदारण्यक उपनिषद#निर्गुण ब्रह्म