ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

निर्गुण भक्ति से जुड़े सभी प्रश्न(3)

निर्गुण भक्ति पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

भक्ति साहित्य

कबीर के दोहे आध्यात्मिक शिक्षा के लिए कैसे उपयोगी

कबीर के दोहे निर्गुण भक्ति, सरल ज्ञान, पाखंड-विरोध और मृत्यु-चेतना सिखाते हैं। 'कस्तूरी कुंडल बसे...' जैसे दोहे बताते हैं — ईश्वर भीतर है, बाहर मत खोजो।

#कबीर#दोहे#निर्गुण भक्ति
भक्ति रस

भक्ति में शांत भाव क्या होता है?

शांत भाव: सबसे शांत-स्थिर भक्ति — तीव्र भावना रहित। 5 रसों में प्रथम+आधार। ईश्वर=निर्गुण ब्रह्म। भक्त=शांत-समभावी। गहन शांति+तृप्ति+समत्व। शुकदेव/चार कुमार/शंकराचार्य। 'आप हैं — बस।' ध्यान-प्रधान। 'अहं ब्रह्मास्मि'/'तत्त्वमसि'=मंत्र।

#शांत रस#शांत भाव#निर्गुण भक्ति
भक्ति रस

भक्ति में शांत भाव क्या होता है?

शांत भाव: सबसे शांत-स्थिर भक्ति — तीव्र भावना रहित। 5 रसों में प्रथम+आधार। ईश्वर=निर्गुण ब्रह्म। भक्त=शांत-समभावी। गहन शांति+तृप्ति+समत्व। शुकदेव/चार कुमार/शंकराचार्य। 'आप हैं — बस।' ध्यान-प्रधान। 'अहं ब्रह्मास्मि'/'तत्त्वमसि'=मंत्र।

#शांत रस#शांत भाव#निर्गुण भक्ति
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।