काली पूजाकाली पूजा में बलिदान की परंपरा का शास्त्रीय आधार क्या है?कालिका पुराण: पशु बलि विधान। रक्तबीज कथा — रक्त = शक्ति। आधुनिक: प्रतीकात्मक — कुम्हड़ा/नारियल/केला। आंतरिक बलि: अहंकार/क्रोध/लोभ/मोह/काम त्याग = सच्ची बलि।#बलिदान#बलि#शास्त्रीय
लोकस्वर्लोक में श्राद्ध का फल गंधर्व, नाग और पशु योनि में कैसे मिलता है?गरुड़ पुराण के अनुसार गंधर्व योनि में श्राद्ध कलाओं के रूप में, नाग योनि में वायु के रूप में और पशु योनि में घास के रूप में मिलता है।#श्राद्ध
पाशुपत योगशिव को पशुपति क्यों कहा जाता है?देवता से पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं; उनके पति यानी स्वामी होने के कारण शिव पशुपति हैं।#पशुपति#शिव#पशु
सर्गतिर्यक्स्रोत सृष्टि क्या है?तिर्यक्स्रोत सृष्टि पशु आदि तिर्यक् योनिवाले जीवों की सृष्टि है।#तिर्यक्स्रोत#पशु#पक्षी
पाशुपत तत्त्वपशु और पाश का अर्थ किस विषय में बताया गया है?पशु को जीव और पाश को बन्धन मानकर उनकी मीमांसा का विषय बताया गया है।#पशु#जीव#पाश
पाशुपत अस्त्र साधनामूल पाशुपत बीज मंत्र क्या है?इसका मूल बीज मंत्र 'ॐ श्लीं पशु हुं फट्' है।#बीज मंत्र#मंत्र#पशु
पाशुपत अस्त्र साधनाशैव सिद्धांत में 'पशु' का क्या अर्थ है?माया के बंधन में बंधे हुए जीव या आत्मा को शैव सिद्धांत में 'पशु' कहा गया है।#पशु#जीव#शैव सिद्धांत