लोकअष्टमी श्राद्ध में पशु पक्षियों का महत्व क्या है?वे पंचबलि और पितृ संदेश के वाहक हैं।#पशु पक्षी#पंचबलि#श्राद्ध
लोकसलोती कथा श्राद्ध में क्या सिखाती है?पशु-पक्षी भी पितृ आशीर्वाद के वाहक हैं।#सलोती कथा#पशु पक्षी#श्राद्ध
जीवन एवं मृत्युपशु-पक्षियों की मृत्यु के बाद क्या होता है?पशु-पक्षी भोग योनि में होते हैं। मृत्यु के बाद उनकी जीवात्मा अपने संचित कर्मों के अनुसार अगली योनि धारण करती है और क्रमशः उच्च योनियों की ओर बढ़ती है जब तक मनुष्य जन्म न मिले।
दान एवं पुण्यपशु-पक्षियों के लिए जलहीन स्थान पर जल देने का क्या फल मिलता है?पशु-पक्षियों के लिए जलहीन स्थान पर जल देने से यममार्ग में जल मिलता है, वैतरणी सुगम होती है और स्वर्ग में सुख मिलता है। यह जल-दान सर्व-दानों में श्रेष्ठ माना गया है।#जल दान#पशु पक्षी#पुण्य
आत्मा सिद्धांतपशु पक्षियों में भी आत्मा होती है क्या?हाँ, गीता (5.18): ज्ञानी ब्राह्मण, गाय, हाथी, कुत्ते में समान आत्मा देखते हैं। ईशोपनिषद: सम्पूर्ण जगत में ईश्वर व्याप्त। सभी जीवों में एक समान आत्मा, शरीर भिन्न। कर्मानुसार 84 लाख योनियों में जन्म। यही अहिंसा का मूल आधार।#आत्मा#पशु पक्षी#जीवात्मा