ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

पशुपति से जुड़े सभी प्रश्न(10)

पशुपति पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 10 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शिव नाम महिमा

शिव को पशुपति क्यों कहते हैं

पशुपति = जीवात्माओं के स्वामी। 'पशु' = माया-बंधन में जकड़ी आत्मा, 'पति' = उस बंधन से मुक्त कराने वाले स्वामी। शिव समस्त जीव-जगत और बद्ध आत्माओं के रक्षक-मुक्तिदाता हैं। यजुर्वेद के रुद्रम् में इसका उल्लेख है।

#पशुपति#पशुपतिनाथ#जीव स्वामी
दिव्यास्त्र

पाशुपतास्त्र का नाम 'पाशुपत' क्यों पड़ा?

पाशुपतास्त्र का नाम भगवान शिव के 'पशुपति' नाम से है जिसका अर्थ है 'सभी जीवों के स्वामी'। यह शिव के उस अस्त्र का प्रतीक है।

#पाशुपतास्त्र#पशुपति#नाम अर्थ
पाशुपत योग

शिव को पशुपति क्यों कहा जाता है?

देवता से पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं; उनके पति यानी स्वामी होने के कारण शिव पशुपति हैं।

#पशुपति#शिव#पशु
पाशुपत योग

पशु किसे कहा गया है?

देवता से लेकर पिशाच तक सभी प्राणी पशु कहे गए हैं।

#पशु#देवता#पिशाच
पाशुपत योग

पाशुपत योग प्राप्त करने से क्या फल मिला?

पाशुपत योग प्राप्त करने से शिष्य और प्रशिष्य शिवलोक के अधिकारी हुए।

#पाशुपत योग#शिवलोक#शिष्य
अष्टमूर्ति

'पशुपति' स्वरूप का क्या महत्व है?

'पशुपति' = जीव/यजमान रूप में शिव। तीर्थ: पशुपतिनाथ (नेपाल)। 'पशु' = माया के पाश में बंधा जीव। 'पशुपति' शिव इस जीव का उद्धार कर 'सोऽहं' (मैं ही ब्रह्म हूँ) के ज्ञान तक ले जाते हैं।

#पशुपति#पशुपतिनाथ#जीव उद्धार
अष्टमूर्ति

शिव की अष्टमूर्ति क्या है?

अष्टमूर्ति = शिव आठ मूल तत्त्वों में व्याप्त: शर्व (पृथ्वी), भव (जल), रुद्र (अग्नि), उग्र (वायु), भीम (आकाश), महादेव (सूर्य), सोमनाथ (चंद्र), पशुपति (जीव/आत्मा)। शिव पुराण: इनकी पूजा के बिना शिव की आराधना निष्फल।

#अष्टमूर्ति#आठ तत्त्व#सर्वव्यापकता
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

कालसर्प शांति का वास्तविक अर्थ क्या है?

कालसर्प शांति का वास्तविक अर्थ है — अपने कर्म-बंधन (नाग-पाश) को पशुपति शिव को अर्पित करना ताकि वे उसे अपने आभूषण के रूप में धारण कर जीव को मुक्त कर दें।

#कालसर्प शांति#नाग पाश#पशुपति
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

शिव के गले में नाग क्यों होते हैं?

शिव के गले में नाग इसलिए हैं क्योंकि जो बंधन (पाश) सामान्य जीव को बाँधता है, वह शिव के पूर्ण नियंत्रण में है — नाग शिव के आभूषण हैं, भय का कारण नहीं।

#शिव नाग#आभूषण#पशुपति
शिव-नाग संयुक्त सिद्धांत

शिव को पशुपति क्यों कहते हैं?

शिव को पशुपति इसलिए कहते हैं क्योंकि वे समस्त जीवों (पशुओं) के स्वामी हैं — जो नाग-पाश जीव को बाँधता है, वही नाग शिव के आभूषण हैं, अर्थात वह बंधन शिव के नियंत्रण में है।

#पशुपति#शिव#पाश
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।