शिव नाम महिमाशिव को पशुपति क्यों कहते हैंपशुपति = जीवात्माओं के स्वामी। 'पशु' = माया-बंधन में जकड़ी आत्मा, 'पति' = उस बंधन से मुक्त कराने वाले स्वामी। शिव समस्त जीव-जगत और बद्ध आत्माओं के रक्षक-मुक्तिदाता हैं। यजुर्वेद के रुद्रम् में इसका उल्लेख है।#पशुपति#पशुपतिनाथ#जीव स्वामी
अष्टमूर्ति'पशुपति' स्वरूप का क्या महत्व है?'पशुपति' = जीव/यजमान रूप में शिव। तीर्थ: पशुपतिनाथ (नेपाल)। 'पशु' = माया के पाश में बंधा जीव। 'पशुपति' शिव इस जीव का उद्धार कर 'सोऽहं' (मैं ही ब्रह्म हूँ) के ज्ञान तक ले जाते हैं।#पशुपति
पाशुपत अस्त्र साधनापाशुपत अस्त्र के अधिष्ठाता देवता कौन हैं?भगवान पशुपतिनाथ इस दिव्य अस्त्र के अधिष्ठाता देवता हैं।#अधिष्ठाता देवता#शिव#पशुपतिनाथ
पाशुपत अस्त्र साधनाजप करते समय ध्यान किस प्रकार करना चाहिए?हृदय में भगवान शिव के तेजोमय रूप का ध्यान करते हुए जप करना चाहिए।#ध्यान#शिव#पशुपतिनाथ